एक डिब्बे का असली खर्च कितना है?
ज़्यादातर गड़बड़ यहीं होती है: हम सिर्फ़ सब्ज़ी और राशन जोड़ते हैं और बाकी खर्च भूल जाते हैं। एक हफ़्ता हर खर्च लिख लें, फिर उसे उस हफ़्ते गए डिब्बों से भाग दें। यही आपका एक डिब्बे का असली खर्च है।
- राशन: आटा, चावल, दाल, तेल, मसाले, सब्ज़ी, दूध-दही।
- गैस और बिजली: महीने के बिल का वह हिस्सा जो टिफ़िन में जाता है।
- पैकिंग: डिब्बे, थैलियाँ, बटर पेपर, और जो डिब्बे वापस नहीं आते।
- डिलीवरी: पेट्रोल, या डिलीवरी करने वाले को दिए पैसे।
- छोटे खर्च: फ़ोन रिचार्ज, बर्तन धोने का सामान।
अपनी मेहनत का पैसा कैसे जोड़ें?
घर से काम करने वाले कुक अक्सर अपनी मेहनत को मुफ़्त मान लेते हैं। ऐसा न करें। सब्ज़ी लाना, काटना, बनाना, पैक करना, मैसेज का जवाब देना — यह सब काम है। देखें कि रोज़ टिफ़िन में कितने घंटे लगते हैं, और एक घंटे का एक उचित पैसा तय करें।
फिर कुल मेहनत को रोज़ के डिब्बों से भाग दें। जितने ज़्यादा डिब्बे, एक डिब्बे पर मेहनत का हिस्सा उतना कम — इसीलिए ग्राहक बढ़ने पर कमाई अच्छी होती है, भले दाम वही रहे।
उदाहरण के आँकड़े: अगर रोज़ 4 घंटे लगते हैं, आप एक घंटे के ₹60 मानते हैं, और रोज़ 10 डिब्बे जाते हैं, तो एक डिब्बे पर मेहनत का हिस्सा ₹24 के आस-पास बनता है। अपने घंटे और अपने डिब्बे गिनकर यही हिसाब करें।
मार्जिन क्यों रखना चाहिए?
मार्जिन वह थोड़ा सा पैसा है जो खर्च और मेहनत के ऊपर रखा जाता है। यह मुनाफ़ा भी है और बचाव भी: कभी डिब्बे बचते हैं, कभी कोई पैसे देर से देता है, कभी सब्ज़ी अचानक महँगी हो जाती है।
| हिस्सा | एक डिब्बे पर |
|---|---|
| पूरा खर्च | ₹64 |
| आपकी मेहनत | ₹25 |
| मार्जिन | ₹11 |
| एक डिब्बे का दाम | ₹100 |
| महीने का दाम (26 दिन) | ₹2,600 |
आस-पास के दाम देखकर क्या करें?
अपने इलाके के दूसरे टिफ़िन वालों के दाम ज़रूर देखें, पर उनकी नक़ल न करें। उनका खर्च, डिब्बे का साइज़ और खाना आपसे अलग हो सकता है। अपने हिसाब वाला दाम पहले निकालें, फिर तुलना करें।
- आपका दाम थोड़ा ज़्यादा है? साफ़ बताएँ क्यों: बड़ा डिब्बा, घर का ताज़ा खाना, समय पर डिलीवरी।
- आपका दाम बहुत कम है? देखें कि कहीं कोई खर्च छूट तो नहीं गया।
- सबसे सस्ता बनने की होड़ में न पड़ें। कम दाम पर ग्राहक तो आते हैं, पर काम लंबा नहीं चलता।
महीने का दाम रखें या हर डिब्बे का?
दोनों रखें। ज़्यादातर रसोई में दोनों तरह के ग्राहक होते हैं।
| तरीका | किसके लिए | ध्यान रखें |
|---|---|---|
| महीने का प्लान | जो रोज़ खाते हैं | छुट्टी का नियम पहले से तय करें |
| हर डिब्बे का दाम | जो कभी-कभी लेते हैं | महीने वालों से थोड़ा ज़्यादा रखें |
| ट्रायल हफ़्ता | नए ग्राहक | हफ़्ते के बाद महीने के प्लान की बात करें |
छुट्टी का नियम दाम का ही हिस्सा है। जैसे: अगर ग्राहक आख़िरी समय से पहले बता दे, तो उस दिन का पैसा नहीं लगेगा। यह नियम लिखकर दें, ताकि महीने के आख़िर में बहस न हो।
दाम कैसे बताएँ और कब बदलें?
दाम हमेशा मेन्यू वाले मैसेज और अपने पेज पर साफ़ लिखें। जब खर्च बढ़े, तो दाम बदलने से पहले ग्राहकों को कम से कम एक महीना पहले बताएँ, और बताएँ कि नया दाम किस तारीख़ से लगेगा।
HomeTiffin में किसी ग्राहक का महीने का दाम बदलते समय आप चुन सकते हैं कि नया दाम इस महीने से लगे या अगले महीने से। पुराने महीनों का हिसाब वैसा ही रहता है। ग्राहक पैसे सीधे आपको देते हैं, और HomeTiffin 0% कमीशन लेता है।
HomeTiffin के अपने प्लान यहाँ देखें: प्लान और दाम। पूरी गाइड अंग्रेज़ी में: How to price your tiffin।